पटना- शिक्षक दिवस के मौके पर पटना में वित्त रहित कॉलेजों के शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वित्त रहित शिक्षक गले में कफन लपेटकर और हाथों में कटोरा लेकर सड़क पर उतरे.
शिक्षकों ने कफन मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया. यह मार्च गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति से विधानसभा के पास सप्तमूर्ति तक निकाला जाना था, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया.
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से वेतनमान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है. 8 साल से कॉलेज को तो अनुदान तक नहीं मिला है जिससे वित्तरहित शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है.
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कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर वित्त रहित शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने वित्त रहित शिक्षकों के वेतनमान निर्धारण का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है.
प्रदर्शन में शामिल वित्त रहित शिक्षक राधेश्याम शर्मा फटा कुर्ता और हाथ में कटोरा लेकर पहुंचे. उन्होंने कहा कि वित्त रहित कॉलेजों के शिक्षक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा देने का काम करते हैं, लेकिन उनकी खुद की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है.
राधेश्याम शर्मा ने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों ने सरकार के चुनावी वादे पर भरोसा किया था, लेकिन अब तक वेतनमान का निर्धारण नहीं हुआ है. उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले विधान परिषद चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा.
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उनका मार्च रोक दिया, लेकिन उनकी आवाज को नहीं रोका जा सकता. बाद में पुलिस ने समझा बूझाकर शांत किया और उनके प्रतिनिधिमंडल को आगे वार्ता के लिए ले गई.








