रांची- राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने जल ग्रहण किया. उन्होंने सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बात करने के बाद पानी पीने का फैसला किया.
दरअसल, जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन कर रहे हैं.
सोनम वांगचुक ने कहा, “हम आपके जज्बे और कोशिशों को सलाम करते हैं. आपने कोई निजी मांग नहीं रखी है, बल्कि छात्रों के हित और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात कर रहे हैं. पूरा देश आपकी आवाज सुन रहा है. सरकार को चाहिए कि छात्रों की मांगों को सुने और उनका समाधान निकाले.”
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बातचीत के दौरान उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो से विशेष आग्रह किया कि वे अनशन के दौरान कम से कम जल ग्रहण करें. उन्होंने कहा कि सत्याग्रह का उद्देश्य किसी भी तरह आत्महत्या करना नहीं, बल्कि समाज और सरकार की अंतरात्मा को जगाना होता है. इसके लिए आंदोलनकारियों का स्वस्थ रहना आवश्यक है.
सोनम वांगचुक ने कहा, “अनशन के कई तरीके होते हैं. आप कम से कम पानी, नमक और नींबू लें. यदि संभव हो तो शहद और पानी भी लिया जा सकता है. महात्मा गांधी भी अपने उपवास के दौरान जल और नमक लेते थे.
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है. उन्होंने कहा कि शरीर में काफी कमजोरी है, सिर और बदन में दर्द है तथा शरीर का कोई भी अंग पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहा है.
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देवेंद्र ने कहा, “25 जुलाई से मैं सत्याग्रह में हूं. पिछले कई दिनों से ठीक से सो नहीं पाया हूं और 2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का त्याग कर दिया है.” उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि सोनम वांगचुक उनके आदर्श रहे हैं और जंतर-मंतर पर उनके आंदोलनों से ही उन्हें प्रेरणा मिली.
उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उन्हें कम से कम पानी पीने की सलाह दी, चिकित्सकों ने भी स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी दी है. डॉक्टरों के अनुसार उनका शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा है, लेकिन अब तक उन्होंने किसी की बात नहीं मानी थी.
इस पर सोनम वांगचुक ने एक बार फिर समझाते हुए कहा, “यदि आप मेरे आदर्श मानते हैं, तो मेरी एक बात जरूर मानिए. जल ग्रहण कीजिए. यह संघर्ष लंबा चल सकता है और इसके लिए आपका जीवित और स्वस्थ रहना जरूरी है. सरकार की अंतरात्मा को जगाने के लिए आपका जिंदा रहना सबसे आवश्यक है. मुझे उम्मीद है कि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी.”








