पटना- बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अपनी ही पुलिस पर सवाल उठाया है.
इस पूरे मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर में एक चौंकाने वाला बयान दिया है. मंत्री ने कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जिस युवक का एनकाउंटर हुआ, उसने सोशल मीडिया पर गलत व्यवहार किया था जो बिल्कुल सही नहीं था.
पुलिस को कार्रवाई से पहले उसका आपराधिक बैकग्राउंड चेक करना चाहिए था. अगर एनकाउंटर बहुत जरूरी भी था, तो यह पूरा एनकाउंटर होने के बजाय हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था.
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दरअसल, यह वारदात भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुई. मुठभेड़ से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
इस वीडियो में बिलौटी गांव का रहने वाला 30 साल का भरत तिवारी एक हाथ में लोडेड पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर फेसबुक पर लाइव था.
वह अपने घर की छत पर खड़ा होकर लगातार पुलिस को ललकार रहा था और खुलेआम हथियार लहरा रहा था. पुलिस की घेराबंदी के बीच उसने फेसबुक पर दो से तीन वीडियो लाइव ब्रॉडकास्ट किए और फिर किसी तरह घर से भागकर गांव के बाहर खेतों की तरफ निकल गया.
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इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस और एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने उसे बार-बार सरेंडर करने के लिए समझाया, लेकिन वह रुका नहीं और पुलिस पर लगातार रुक-रुक कर गोलियां चलाता रहा.
हालात बिगड़ते देख बुलेटप्रूफ जैकेट पहने एसटीएफ के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरा. जब वह नहीं माना तो पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जो भरत के दोनों पैरों के घुटने और जांघ के हिस्से में लगीं.
इस दौरान आरोपी की तरफ से 8-10 राउंड और पुलिस की तरफ से 4-5 राउंड फायरिंग हुई. पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन और दो खोखा बरामद किया है.
गोली लगने से घायल भरत को पुलिस तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल, आरा लेकर गई. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत PMCH पटना रेफर कर दिया.
पटना में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी पुलिस विभाग से बतौर चालक सिपाही रिटायर हो चुके हैं.








