मुजफ्फरपुर- मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिले के बोचहां थाना प्रभारी पर कथित तौर पर फर्जी मामला दर्ज कराने के आरोप में विशेष एससी-एसटी न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है.
विशेष न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार के डीजीपी और गृह सचिव को संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बोचहां थाना क्षेत्र का है, जहां एक दलित महिला के आवेदन पर केस हुआ था.
मिली जानकारी के अनुसार महिला के आवेदन पर दुष्कर्म, मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था, जिसमें दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था. ये आवेदन टाइप किया हुआ था, जिस पर कथित पीड़ित महिला के अंगूठे का निशान लिया गया था.
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आवेदन में आरोप लगाया गया था कि दोनों आरोपियों ने महिला को मक्के की फसल काटने के बहाने बुलाया और बगीचे में ले जाकर दुष्कर्म किया. विरोध करने पर आरोपियों द्वारा महिला के साथ मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप था.
हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान कथित पीड़िता अदालत में पेश हुई और रोते हुए कहा कि उसके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी. महिला ने न्यायालय को बताया कि पुलिस पदाधिकारी ने उसके अंगूठे का निशान लेकर अपने स्तर से आवेदन तैयार कर मामला दर्ज करा दिया।
महिला के बयान पर न्यायालय ने बोचहां थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठाया और बिहार के डीजीपी तथा गृह सचिव को विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है.
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