रांची- झारखंड के कई इलाकों में रसोई गैस की आपूर्ति अब तक सामान्य नहीं हो सकी है, जिसके कारण आम उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है.
विशेषकर रांची और सरायकेला जिलों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहां बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.
व्यवस्था की इस विफलता का सबसे बड़ा असर होम डिलीवरी सेवा पर पड़ा है, समय पर लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. इस वजह से अब लोग गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें लगाने को मजबूर हैं.
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राजधानी रांची के चुटिया में गैस एजेंसी के बाहर शनिवार को कड़ी धूप और थकान के बीच सैकड़ों उपभोक्ता घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे. एजेंसी द्वारा नियमित होम डिलीवरी न किये जाने के कारण लोग रात एक बजे से ही कतारों में लग गए थे.
थकान और भूख से बेहाल कई लोग अपने सिलेंडर सड़क पर ही छोड़कर आसपास की छांव में बैठने को मजबूर दिखे, जबकि अपनी पहचान बनाए रखने के लिए किसी ने सिलेंडर पर पत्थर रखा तो किसी ने कपड़ा बांध दिया.
सरायकेला जिला मुख्यालय में बढ़ते गैस संकट और जनता के आक्रोश को देखते हुए, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी स्वयं गैस गोदाम पहुंचे. उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और गैस अधिकारियों के साथ बैठक कर सोमवार तक आपूर्ति सुचारु करने का निर्देश दिया.
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अध्यक्ष ने इस संकट के लिए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है. उन्होंने प्रशासन को कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने और नियमित छापेमारी करने का सुझाव दिया है, ताकि जरूरतमंदों को उनका हक मिल सके.








