रांची- कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का घर गिराए जाने के बाद उनकी बेटी विधायक अंबा प्रसाद ने एनटीपीसी पर कॉर्पोरेट माफिया होने का आरोप लगाया है.
विधायक अंबा प्रसाद ने दावा किया कि एनटीपीसी और हजारीबाग प्रशासन ने मिलकर उनके पिता का घर अवैध तरीके से और बिना मुआवजा दिए ढहा दिया.
यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि उनके पिता लगातार हजारीबाग और बड़कागांव की जनता के विस्थापन और मुआवजे की लड़ाई लड़ते रहे हैं. अंबा प्रसाद ने कहा कि एनटीपीसी के अधिकारी गलत बयानी कर रहे हैं.
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भवन निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर की रिपोर्ट पर फैक्ट्री को तोड़ने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या राज्य में कंपनी इंस्पेक्टर का पद रिक्त हो गया है, जो भवन निर्माण के अधिकारी कंपनी या फैक्ट्री भवन का मुआवजा तय करेंगे. अंबा प्रसाद ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया.
अंबा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बुलडोजर चलाकर उनका घर तोड़ दिया, जो न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है. सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “घर तोड़ा जा सकता है, लेकिन हमारी हिम्मत नहीं तोड़ी जा सकती.” अंबा प्रसाद ने साफ किया कि वह इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगी.
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अंबा प्रसाद ने अपने पिता एवं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से निष्कासित करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए तथा राज्य कांग्रेस के उन नेताओं को निशाने पर लिया, जो घर तोड़े जाने के बाद उनके पिता की ओर से दिए बयानों पर सवाल उठा रहे थे.








