रांची- झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आज राज्य के अलग अलग कोने से आयीं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने झारखंड विधानसभा के समक्ष धरना दिया और प्रदर्शन किया.
आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवा निवृति के बाद एकमुश्त पांच लाख रुपये का आर्थिक लाभ और पेंशन, वेतमान सहित कई मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचीं सेविका-सहायिकाओं ने घोषणा की कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गयी तो 16 अगस्त से वो अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी.
आंगनबाड़ी सेविकाओं की 6 सूत्री मांग इस प्रकार हैं-
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1.राज्य की सभी सेविका और सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए वेतनमान लागू किया जाए
2. झारखंड सरकार, सेवा के 10 वर्ष पूरा कर चुके आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को विभागीय पर्यवेक्षक के पद पर प्रमोट करें तथा उम्र सीमा को समाप्त किया जाए
3.पश्चिम बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका को रिटायर होने पर आर्थिक लाभ के रूप में 5 लाख रुपए और मानदेय का आधा पेंशन दिया जाए
4.भारत सरकार के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर FRS यानी (फेस रिकॉग्निशन सिस्टम) आधार से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्रणालीकरण को अनिवार्य बनाया गया है, इससे सेविका सहायिका को और लाभार्थी को काफी समस्या हो रही है, इसलिए इसे समाप्त किया जाए
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5.आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को विभागीय योजनाओं के अतिरिक्त दिए गए अन्य कार्य प्रभार जैसे चुनाव कार्य, सर्वे इत्यादि से मुक्त किया जाए. राज्य की आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को BLO के कार्य से भी मुक्त किया जाए
6. आंगनबाड़ी सेविका- सहायिकाओं को सिविल अपील संख्या 3153 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार सभी राज्यों को ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया गया है. सरकार से मांग है कि उसका पेपर मंगा कर राज्य के आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को भी ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए.








