रांची- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई. आज के कैबिनेट की पहली बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने पत्रकारों को इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी.
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि ये निर्णय राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का हिस्सा हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वीकृत प्रस्तावों को शीघ्र लागू किया जाए. बैठक में विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया, जो झारखंड के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.
कैबिनेट ने झारखंड राज्य विधि आयोग की कार्यावधि को 13 नवंबर 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी. इससे आयोग को कानूनी सुधारों और सिफारिशों पर निरंतर काम करने का मौका मिलेगा.
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जमशेदपुर महिला महाविद्यालय में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को मंजूरी मिली. इससे कॉलेज में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक आहूत करने की स्वीकृति दी गई. इस सत्र में राज्य का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा.
मिशन शक्ति के तहत ‘नारी अदालत’ योजना को हरी झंडी दिखाई गई. इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर छोटे-मोटे अपराधों और विवादों की सुनवाई महिला समूहों द्वारा की जाएगी.
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शुरुआत रांची सहित 10 जिलों के 10 पंचायतों में होगी. यह योजना महिलाओं को न्याय के करीब लाने और स्थानीय स्तर पर सुलह-समझौते को बढ़ावा देने वाली है.
राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी मिली. अब लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक की अग्रिम राशि मिल सकेगी. साथ ही, विधानसभा कर्मियों के लिए यह स्वास्थ्य बीमा योजना वैकल्पिक (ऐच्छिक) कर दी गई है. यह बदलाव कर्मचारियों और आम जनता के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाएगा.








