पटना- उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी RLM में भगदड़ की स्थिति हो गई. दर्जनभर से अधिक नेताओं ने इस्तीफा दिया है. उपेंद्र कुशवाहा के क्रिया-कलाप की कड़ी निंदा की.
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल, प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार सहित एक दर्जन से अधिक प्रमुख लोगों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया. अलग-अलग त्यागपत्रों में पार्टी के इन नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के क्रिया-कलाप पर अंगुली उठाते हुए उनकी कड़ी निंदा की है.
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं के त्याग पत्र का कारण बिना चुनाव लड़े उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने बेटे को मंत्री बनाया जाना भी खास कारण माना जा रहा है. जितेंद्र नाथ पिछले लगभग एक दशक से उपेन्द्र कुशवाहा के काफी निकटतम सहयोगी रहे हैं.
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बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को जीत हासिल हुई थी. 243 में से 202 सीटों पर कब्जा जमाया था. इसी में से एक घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को बड़ी सफलता मिली थी. पार्टी 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारी थी, जिसमें से 4 सीटों पर जीत मिली थी.
आरएलएम प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने सबको चौंकाते हुए अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद की शपथ भी दिला दी. इसपर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच काफी चर्चा हो रही थी.








