रांची- झारखंड विधानसभा में गुरुवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया गया. इसमें आदिवासी नेता और पूर्व सीएम को भारत रत्न देने की सिफारिश करते हुए केंद्र को प्रस्ताव भेजने संबंधी संकल्प पारित किया गया. प्रदेश के मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन में यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पेश किया.
जेएमएम के महासचिव और प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने विधानसभा के पूरक मानसून सत्र में इस आशय का प्रस्ताव पारित करने की अपील की थी. कांग्रेस समेत अन्य दलों ने भी इस मांग का समर्थन किया है.
गौरतलब है कि शिबू सोरेन को ‘दिशोम गुरु’ के नाम से भी जाना जाता था. गुरुजी के नाम से भी उनकी पहचान थी. वो झारखंड की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ रहे, इसके साथ ही केंद्र की सियासत में भी उनकी अच्छी पकड़ रही.
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शिबू सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैनर तले आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए कड़ा संघर्ष किया था. शिबू सोरेन का जन्म उस समय बिहार के हजारीबाग में 11 जनवरी 1944 को हुआ था.
बिहार से अलग राज्य ‘झारखंड’ बनाने के आंदोलन में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. वे तीन बार साल 2005, 2008 और 2009 में झारखंड के सीएम बने, हालांकि एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे.
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