भोजपुर- भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह बाढ़ की विभीषिका के बीच शाहपुर प्रखंड के जवईनिया गांव के विस्थापित परिवारों के लिए मंगलवार को मदद के लिए पहुंची.
दामोदरपुर बांध पर शरण लिए बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच उन्होंने राहत सामग्री का वितरण किया. पीड़ितों से मिलकर अक्षरा ने उनकी गंभीर समस्याओं और परेशानियों की जानकारी ली. उन्होंने संकट की इस घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.
अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच चावल, दाल, आटा, मोमबत्ती, टॉर्च, मच्छरदानी, बच्चों के डायपर, चॉकलेट और बिस्किट जैसी आवश्यक सामग्री वितरित की.
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इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति को समझा. उन्होंने कहा कि मुश्किल घड़ी में वह प्रभावितों के साथ खड़ी हैं. जरूरतमंदों की मदद के लिए वह आगे भी सहयोग करती रहेंगी.
मौके पर अक्षरा ने कहा, मैं बिहार की बेटी हूं और उस नाते आज मैं यहां पर आई हूं और अपने लोगों के बीच आई हूं. बहुत काम किया, बहुत नाम अर्जित किया, बहुत पैसे भी ले लिए, बहुत पैसे कमा लिए और इसी धरती से, इसी मिट्टी से बनकर आज अक्षरा सिंह खड़ी है.
आज मुझे लगता है कि इस आपदा में मेरा साथ रहना बहुत जरुरी है. इसलिए मैं बॉम्बे से चल के यहां आई हूं ताकि मैं अपनी तरफ से जो भी छोटी मोटी कोशिश हो सके, जितनी सक्षम हूं, उतना मैं करूं।
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बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अक्षरा सिंह के प्रति आभार जताया. वहीं उनके जवईनिया पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग उन्हें देखने के लिए दामोदरपुर बांध पर पहुंच गए. इससे बांध पर कुछ देर के लिए लोगों की काफी भीड़ जुट गई.
वहीं, पत्रकारों ने जब अक्षरा सिंह से पूछा कि आप पवन सिंह के गढ़ में आई हैं, पवन सिंह नहीं आए. जबाव देते हुए अक्षरा ने कहा कि अब मैं किसी और की जिम्मेदारी तो नहीं ले सकती.
ये मेरी जिम्मेदारी है. क्यूोंकि मैं इसी मिट्टी से हूं और इन्हीं लोगों की वजह से मैं दो रोटी खा पा रही हूं. ये बिहार का ही देन है तो मुझे लगता है कि मेरी जिम्मेदारी बनती है कि हम जो भी अर्जित कर पाए हैं, अब हमें भी देना चाहिए. हमें भी बिहार के लोगों का दुख बांटना चाहिए.








