डेस्क- तीसरी शादी करने के बाद से एक्टर आमिर खान निशाने पर हैं. सोशल मीडिया पर उनको लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर कहा जा रहा है। आमिर ने इन आरोपों पर सफाई दी है।
वेबसाइट रेडिफ के साथ बातचीत में आमिर ने कहा- मेरी तीनों शादियों में किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया, क्योंकि शादियां सिविल मैरिज थीं। तीसरी पत्नी गौरी हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं।
आमिर ने आगे कहा- मेरी बेटी इरा की शादी एक हिंदू से हुई है। मेरी दोनों बहनों निखत खान और फरहत खान के पति भी हिंदू हैं। कजिन मंसूर की शादी एक ईसाई से हुई है।
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बता दें, एक्टर आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को शादी की। दोनों ने मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर के घर पर शादी के कागजात पर साइन किए।
यह एक प्राइवेट मैरिज सेरेमनी थी, जिसमें दोनों परिवारों के लोग और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज के रूप में रजिस्टर की गई।
आमिर खान की तीसरी शादी पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया था- क्या आमिर खान लव जिहाद के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं। महाराष्ट्र के ही मंत्री संजय शिरसाट ने कहा- यह आमिर का निजी जीवन है, लेकिन ऐसी चीजें समाज पर गलत असर डाल सकती हैं।
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बजरंग दल समेत कुछ संगठनों ने आमिर खान के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका। उनका आरोप था कि आमिर जानबूझकर गैर-मुस्लिम महिलाओं से शादी करते हैं।
वहीं, आमिर की तीसरी शादी को लेकर यूपी में फतवा जारी हुआ है। अलीगढ़ में यूपी के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि शरीयत के मुताबिक किसी भी मुस्लिम पुरुष के लिए ऐसी गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना पूरी तरह गलत और नाजायज है, जो अपने पुराने धर्म पर कायम हो।
जिसने मुस्लिम धर्म स्वीकार न किया हो। ऐसी महिला से शादी इस्लाम के नियमों में अवैध है। ऐसा करने वाला मुस्लिम पुरुष भी धार्मिक रूप से गुनहगार है।








