रांची- रांची में कृषि व्यापार मेला का आगाज हो गया है. यह मेला तीन दिनों तक चलेगा. मेला का उद्घाटन सीएम हेमंत सोरेन ने किया. मोरहाबादी मैदान में आयोजित कृषि व्यापार मेले के उद्घाटन के मौके पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अलावा राज्य सरकार और कृषि विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद रहे.
16-18 जून तक इस मेले का आयोजन किया जाएगा. तीन दिनों तक चलनेवाले इस मेले में किसानों के साथ-साथ व्यापारी, उद्यमी और वैज्ञानिकों को एक छत के नीचे लाने का प्रयास किया गया है. इस मेले में आए दो दर्जन से अधिक वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का अलग-अलग विषयों और सत्रों में व्याख्यान भी आयोजित होगा.
इस मौके पर तीन युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया. कई स्कीम के लाभुकों के बीच राशि का वितरण किया गया. सीएम ने कहा कि आने वाले समय में पानी की समस्या होने जा रही है. जल संचयन प्राथमिकता के तौर पर होना चाहिए.
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इसके लिए किसी सरकारी आदेश की जरूरत नहीं है. अभी पानी बचायेंगे तो आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहेगी. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अच्छा काम करने वाले किसानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की. कहा कि मनुष्य तभी बचेगा, जब पानी और पेड़ पौधा होगा.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कृषि व्यापार मेला की सराहना करते हुए कृषि के महत्व और जल संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि खेती की शुरुआत तब हुई जब कोई धर्म, जाति और संप्रदाय नहीं था और यह तब तक चलता रहेगा, जब तक मनुष्य जिंदा है.
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हर दिन नई-नई चीजें आएंगी, समस्याएं भी आएगी और उसका समाधान भी निकलेगा. जल संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण को लेकर जिस तरह से हाय तौबा मचा हुआ है मुझे लगता कि शहरीकरण सबसे बड़ा अभिशाप है. नदी, पहाड़,जंगल सबको खत्म कर लोगों ने कंक्रीट का जंगल बना दिया.
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मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कृषि विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के सभी किसानों को मैपिंग कर यह पता करें कि जो किसान बेहतर काम करेगा उसे मुख्यमंत्री के तरफ से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी दिया जाएगा, ताकि बेहतर कृषि उपज हो सके.








