डेस्क- बंगाल के राज्यपाल ने गुरुवार को बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया. जानकारी मिली है कि उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (2) के उपखंड (ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश दिया है. मुख्य सचिव दुष्मंत नारियाला ने इस संबंध में पहले ही एक बयान जारी कर दिया है.
राज्यपाल ने राज्य मंत्रीपरिषद को भी बर्खास्त कर दिया है. अगले दो दिनों तक राज्यपाल राज्य का कार्यभार संभालेंगे. राज्यपाल के इस निर्णय के परिणामस्वरूप, पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है.
बता दें कि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफे का मुद्दा उठने से पहले ही अपना गुस्सा जाहिर किया था. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था- हम हारे नहीं हैं. हमसे 100 सीटें छीन ली गई हैं. यही कारण है कि वे इस्तीफा देने की अपनी अनिच्छा को लेकर भी मुखर हैं. सोशल मीडिया पर राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर काफी चर्चा हो रही है.
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इधर, रवींद्र जयंती के अवसर पर ब्रिगेड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. जनता की उपस्थिति में दो इंजन वाली सरकार अपने कार्य-प्रणाली की शुरुआत करेगी.
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शनिवार को ब्रिगेड में उपस्थित रहेंगे. भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी और कोलकाता पुलिस की होगी। ब्रिगेड के बाहर सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय बलों के पास रहेगा.
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