रांची- कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने शनिवार को ओबीसी छात्रों की लंबित छात्रवृति के मुद्दे पर आक्रोश मार्च निकाला. साथ ही लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए झारखंड कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी आक्रोश मार्च में शामिल हुए.
मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से आक्रोश मार्च के रूप में एनएसयूआई के छात्र अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ झंडे-बैनर के साथ लोकभवन के लिए निकले. जिसे पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर जाकिर हुसैन पार्क के पास रोक दिया. इसके बाद वहीं आक्रोश मार्च सभा में तब्दील हो गया.
ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलने के मुद्दे को राज्य का सबसे अहम मुद्दा बताते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने इसके लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को दोषी करार दिया.
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उन्होंने कहा कि पिछले तीन वित्तीय वर्ष से केंद्र की सरकार ओबीसी को मिलने वाली राशि में अपना अंशदान काफी कम कर दी है. नतीजा यह हो रहा है कि पिछड़ी जातियों के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं.
विनय उरांव ने कहा कि केंद्र की ओबीसी और खासकर छात्र विरोधी नीति के विरोध में आज राज्यभर के छात्र-छात्राएं झंडे-बैनर के साथ सड़क पर हैं. उन्होंने कहा कि हम पढ़ने-लिखने वाले युवा हैं. हमारी मांग सिर्फ यह है कि केंद्र सरकार राज्य के ओबीसी छात्र-छात्राओं को उनका हक दे दें, अन्यथा कांग्रेस की छात्र इकाई जोरदार आंदोलन करेगा.
एनएसयूआई के प्रदर्शन में शामिल हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यक, आदिवासी, ओबीसी के हक और अधिकार को कुचला जा रहा है.
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उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या इस देश में अल्पसंख्यक, पिछड़ा या आदिवासी होना अपराध है? डॉ .इरफान अंसारी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो राज्य के युवा छात्र-छात्राएं दिल्ली में संसद भवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे.








