बेगूसराय- बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेगूसराय के डंडारी अंचल अधिकारी (CO) राजीव कुमार को रिश्वत लेते हुए पकड़ा.
यह कार्रवाई विनय कुमार चौरसिया नामक व्यक्ति की शिकायत पर की गई. जिसमें CO द्वारा सरकारी काम के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था. पीड़ित विजय कुमार चौरसिया ने कहा कि वे तीन भाई हैं. तीनों का आपसी में बंटवारा भी कोर्ट से हो गया था.
5-6 महीने से वे डंडारी सीओ के यहां म्यूटेशन करवाने के लिए दौड़ रहे थे. म्यूटेशन के लिए सीओ ने तीन लाख रुपये मांगे थे. काफी कहने के बाद दो लाख पर बात हुई. इसकी शिकायत उन्होंने निगरानी से की थी. करीब पांच एकड़ जमीन का म्यूटेंशन किया जाना था.
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विनय कुमार चौरसिया ने निगरानी विभाग को शिकायत संख्या 625/825 के तहत आवेदन दिया था. सत्यापन के बाद निगरानी विभाग की विशेष टीम ने जाल बिछाकर घूस लेने के मामले में डंडारी के अंचलाधिकारी (सीओ) राजीव कुमार, डेटा ऑपरेटर कुंदन कुमार और सीओ के चालक को हिरासत में लिया. दो लाख रुपये घूस लेने के मामले में यह कार्रवाई की गई है. प्रखंड कार्यालय में हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया.
बताया जाता है कि रिश्वत के पैसे को लेने के लिए कुंदन एक होटल में पहुंचा था. कुंदन के जाने के बाद सीओ का चालक भी वहां पहुंचा. यहां पैसे लेने के दौरान निगरानी की टीम ने इन दोनों को पकड़ लिया. इसके बाद टीम की ओर से ही कहा कि ये पैसे वे लोग सीओ को जाकर दे दें. इसके बाद जब प्रखंड कार्यालय में सीओ को इन लोगों ने पैसा दिया तो अंचलाधिकारी इसे घर भिजवाने लगे. इतने में ही निगरानी की टीम ने पकड़ लिया.








