पटना- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान काफी आक्रामक दिखाई पड़ रहे हैं. वह अपनी ही सहयोगी सरकार पर हमलावर हैं. चिराग पासवान यहां तक कह रहे हैं कि एक मिनट में मंत्री पद छोड़ दूंगा.
आरक्षण को लेकर चल रही खींचतान के बीच चिराग पासवान का बयान सामने आया है. चिराग ने कहा कि मैं जिस गठबंधन में हूं, आप लोगों के हक और अधिकारों की चिंता करने और सोचने की जरूरत नहीं है.
यह वादा आप लोगों से करता हूं, जैसे ही चिराग पासवान को लगेगा गठबंधन में मेरे लोगों के साथ अन्याय हो रहा है या गठबंधन में हम लोगों की बातों को सुना नहीं जा रहा है तो एक मिनट में मंत्री पद छोड़ दूंगा. चिराग का यह बयान
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
दरअसल, चिराग पासवान ने प्रयागराज में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम के में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने युवाओं से संवाद किया और पार्टी के चुनावी रुख को स्पष्ट किया.
चिराग पासवान ने यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया. यूपी पहुंचे चिराग ने कहा कि ”2027 में लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रही है. इसमें कोई शक नहीं है.”
इससे पहले भी बिहार में लगातार सामने आ रही महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी घटनाओं के बीच चिराग पासवान का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने एनडीए सरकार पर सवाल उठाए थे.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
उन्होंने कहा था कि बिहार में प्रशासन निकम्मा हो चुका है, इनके बस में बिहार के लोगों को सुरक्षित रखना नहीं है. साथ ही दावा किया जा रहा है कि वह अपनी पार्टी के बिहार में एनडीए घटक दल में होने पर ‘शर्म’ महसूस कर रहे हैं.
हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग अकाउंट से शेयर वीडियो सही है. लेकिन, इस वीडियो को लेकर सच्चाई सामने आई है कि यह पुराना है. यह वीडियो 26 जुलाई 2025 का है.
चिराग पासवान के इस बयान के बाद विपक्ष आक्रामक हो गया. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सवालिया लहजे पूछा कि इस्तीफा देने के लिए किस शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं चिराग पासवान जी?
‘शर्म’ का बोझ उठाकर भी सत्ता का हिस्सा बने रहना कोई चिराग पासवान से सीखे. बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से असुरक्षित हो चुके बिहार की वजह से जब सरकार का हिस्सा होने में उन्हें ‘शर्मिंदगी’ महसूस हो ही रही है, तो इस्तीफा देने की हिम्मत कौन से मुहूर्त के इंतजार में रुकी हुई है?
‘








