जमुई- जमुई के बहुचर्चित नाबालिग छात्रा दुर्व्यवहार मामले में बुधवार की शाम कोर्ट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पेशी के लिए लाए गए आरोपी हरे राम यादव को एक स्थानीय वकील ने सरेआम थप्पड़ जड़ दिया.
पुलिस जब आरोपी की पेशी कराकर उसे वापस ले जा रही थी, तभी वहां मौजूद वकील आकाश पांडेय का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने आरोपी के चेहरे पर जोरदार चांटा जड़ दिया. थप्पड़ पड़ते ही कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पुलिस तुरंत मुस्तैद हुई और आरोपी को सुरक्षा घेरे में लेकर जेल ले गई.
आरोपी को थप्पड़ जड़ने वाले वकील आकाश पांडेय ने घटना के बाद अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि नाबालिग बच्ची के साथ जिस तरह का अमानवीय कृत्य किया गया है, उससे पूरा जमुई शर्मसार हुआ है. उन्होंने कहा, “जैसा कृत्य इन लोगों ने किया है, इसके लिए तो इन्हें गोली मार देनी चाहिए.
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एक वकील होने से पहले मैं एक इंसान हूं और मेरे अंदर इंसानियत जिंदा है.” वकील ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि इन आरोपियों की घिनौनी हरकत दरअसल पूरे मर्द समाज के मुंह पर एक करारा चांटा है, इसलिए उन्होंने वही चांटा आरोपी को वापस लौटाया है.
अधिवक्ता आकाश पांडेय ने कहा कि जो वाकया सामने आया था, उसे देखकर उनके मन में गहरा आक्रोश उबल रहा था. उन्होंने कहा, “मेरी इस हरकत के लिए अगर कानून मुझे कोई भी सजा देता है, तो मैं उसके लिए पूरी तरह तैयार हूं.
अपने सामने एक बहन-बेटी के साथ हुए ऐसे अत्याचार को हम लोग सहन नहीं कर पाएंगे.” उन्होंने माना कि यह आक्रोश उस निंदनीय घटना का परिणाम था जिसे देखकर हर संवेदनशील नागरिक का खून खौल उठा था.
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गौरतलब है कि जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस बुधवार की शाम करीब 6 बजे आरोपी हरे राम यादव को पेशी के लिए कोर्ट लेकर पहुंची थी. सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया.








