औरंगाबाद- बिहार की औरंगाबाद पुलिस ने एक फर्जी विधान पार्षद को गिरफ्तार किया है. यह शख्स खुद को एमएलसी बताकर विभिन्न सरकारी कार्यालय में फोन करता था. जहां वह कई अनुचित कामों के लिए दबाव बनाता था.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीनदयाल पांडेय के रूप में की गई है. इस मामले में औरंगाबाद सदर एसडीपीओ आदित्य कुमार ने बताया कि मामले की शुरुआत मंगलवार को हुई. देव थाना में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर पप्पू कुमार के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया.
कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एमएलसी संजय कुमार यादव बताते हुए पप्पू कुमार से शालिनी कुमारी और दीनदयाल पांडेय का चरित्र प्रमाण पत्र जल्द बनवाने का दबाव बनाया. इतना ही नहीं, काम नहीं करने पर नौकरी से हटवाने की धमकी भी दी गई.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पप्पू कुमार ने इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी. इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तकनीकी शाखा ने संबंधित मोबाइल नंबर का गहन सत्यापन किया.
जांच के दौरान पता चला कि जिस सिम कार्ड से कॉल किया गया था, वह ग्राम-गुरैया निवासी ग्रामीण अरुण कुमार यादव के नाम पर जारी दस्तावेजों के आधार पर निकाला गया था.
पुलिस के अनुसार, इसी सिम कार्ड का इस्तेमाल पहले भी कई बीडीओ, एसडीओ और अन्य अधिकारियों से बातचीत करने के लिए किया गया था.
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औरंगाबाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसूचना संकलन, ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपी की पहचान की. इसके बाद छापेमारी कर आरोपी दीनदयाल पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने आरोपी के पास से वह सिम कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिसका इस्तेमाल सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को धमकाने के लिए किया गया था.
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया. उसके बयान के अनुसार, वह संबंधित नंबर से खुद को एमएलसी संजय कुमार यादव बताता था. आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपना काम कराने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाता था.
अधिकारियों द्वारा उसकी बात नहीं मानने पर वह उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी देता था. देव थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.








