डेस्क- वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में 25 से 27 फरवरी तक वीआईपी दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी. महाशिवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने ये फैसला लिया है.
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने सोमवार को कहा कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ से श्रद्धालुओं के लौटने के कारण मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है.
उन्होंने कहा, “इस अवसर पर नागा अखाड़े भव्य जुलूस भी निकालेंगे, जिससे मंदिर के गेट नंबर 4 से आम लोगों का प्रवेश अस्थायी रूप से बंद हो जाएगा. इससे नियमित श्रद्धालुओं के लिए प्रतीक्षा समय बढ़ने की संभावना है.
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गर्मी और उमस भरे मौसम को देखते हुए, लंबे समय तक प्रतीक्षा करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकता है. खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग आगंतुकों के लिए. इसे ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने तीन दिनों की अवधि के लिए वीआईपी दर्शन को पूरी तरह से निलंबित करने का फैसला किया है.
पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने बताया कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए पुलिस ने शहर में 55 स्थानों की पहचान की है, जहां बैरिकेडिंग लागू की जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है.
13 सेक्टर समर्पित पुलिस बलों को सौंपे गए हैं. उन्होंने बताया कि गोदौलिया से मैदागिन चौराहे तक के क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है और दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग को मजबूत किया जाएगा
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