पटना- जमुई छेड़खानी मामले के बाद प्रदेश में राजनीतिक रूप से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. जमुई की घटना को लेकर अब भाजपा नेत्री की ओर से मीसा भारती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. बीजेपी नेत्री ने पटना के सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि राष्ट्रीय जनता दल की नेता और सांसद श्रीमती मीसा भारती ने जमुई की पीड़ित नाबालिग बच्ची के परिवार की तस्वीर को इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से पोस्ट/प्रसारित किया है.
आवेदन में कहा गया है कि यह कृत्य POCSO Act, 2012 की धारा 23 एवं Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत दंडनीय अपराध है. इन धाराओं के तहत किसी भी पीड़ित बच्चे या उसके परिवार की पहचान (जैसे नाम, पता, फोटो आदि) उजागर करने पर कानूनी प्रतिबंध है. इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए.
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बीजेपी नेत्री ने इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो, फोटो, यूआरएल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने की भी मांग की. आवेदन मांग की गई है कि मामले में कानून के अनुसार निष्पक्ष और शीघ्र जांच की जाए. पीड़ित बच्ची और उसके परिवार की सुरक्षा और गोपनीयता का मान रखा जाए.
गौरतलब है कि आरजेडी सांसद मीसा भारती भी शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कराने सचिवालय थाने पहुंची थी. राजद सांसद ने मांग किया था कि सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री के विरुद्ध POCSO Act, 2012 की धारा 23 और Juvenile Justice Act, 2015 की धारा 74 के तहत जमुई प्रकरण में नाबालिग बच्ची की पहचान को उजागर करने को लेकर प्राथमिक दर्ज की जाए.
इस दौरान मीसा ने कहा था कि जमुई प्रकरण में नाबालिग बच्ची की पहचान को उजागर करने को लेकर प्राथमिक दर्ज करने आई हूं, लेकिन थाना प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज करने से मना कर दिया है. विभाग के मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं जिनके अनुसार कानून सबके लिए बराबर नहीं है. मुख्यमंत्री को लगता है कि वह कानून से ऊपर हैं.
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