डेस्क- महिला आरक्षण बिल के संसद में गिरने का बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि हमने लोकतंत्र की रक्षा की है। हमने परिसीमन को लेकर मोदी सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने महिला आरक्षण कानून पर तीन साल तक कुछ नहीं किया और अभी दो दिन पहले ही एक नोटिफिकेशन जारी किया है, इसलिए उसे लागू करना चाहिए।
हम पूरी मजबूती से महिला आरक्षण के समर्थन में खड़े हैं। पूरा विपक्ष एकमत है कि पहले वाला महिला आरक्षण बिल लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जिस तरह से इसे पेश किया और लोकतंत्र के खिलाफ जैसी साजिश रची, हम उसका कभी भी समर्थन नहीं कर सकते।
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प्रियंका गांधी ने कहा कि कल लोकतंत्र की एक बड़ी जीत हुई है। मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश की थी, जिसे हमने हरा दिया। ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है, जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ दिख रही थी।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कल गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने अपने-अपने भाषणों में कहा था कि अगर विपक्ष इस मुद्दे पर सहमत नहीं होगा तो न कभी चुनाव जीत पाएगा, न ही सत्ता में आ पाएगा।
इन बातों से ही साफ हो गया कि सरकार की मंशा क्या थी। मेरा मानना है कि सरकार द्वारा जो साजिश रची गई, उसका उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। इसके लिए सरकार ने महिलाओं का इस्तेमाल किया।
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उन्होंने कहा, सरकार चाहती थी कि महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष यह बिल पारित करवा दे, ताकि उन्हें मनमाने तरीके से परिसीमन की आजादी मिल जाए। जिससे मोदी सरकार को जातिगत जनगणना का सहारा न लेना पड़े।
प्रियंका ने कहा कि मोदी सरकार का मानना था कि अगर बिल पारित होगा तो उनकी जीत होगी और बिल पारित नहीं हुआ तो विपक्ष को महिला विरोधी बता देंगे। बीजेपी ऐसा कर खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करना चाहती थी।








