हाजीपुर- जन सुराज पार्टी के नेता और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने कहा है कि जीतनराम मांझी के बयान को कोई गंभीरता से नहीं लेता। पीके ने सीजेपी प्रोटेस्टर्स को तिलचट्टा और झींगुर बताने वाले बयान को लेकर मांझी पर तंज कसा।
उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के आन्दोलन को दबाया नहीं जा सकता। केंद्र सरकार इनसे डरी हुई है। एमएलसी चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने रविवार को हाजीपुर में शिक्षक संवाद को संबोधित किया।
हाजीपुर में पत्रकारों से बाद करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जीतनराम मांझी के शब्दों के चयन और उनके वक्तव्यों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। वे कुछ बोलते हैं उस पर ध्यान मत दीजिए।
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जहां तक सीजेपी के प्रोटेस्ट की बात है तो 10 अक्टूबर को दिल्ली में चालीस हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार कितनी डरी हुई है।
इस आन्दोलन में कितनी ताकत है। लेकिन, किसी को अधिक दिनों तक दबाया नहीं जा सकता। यह आन्दोलन अब रुकने वाला नहीं है। प्रशांत किशार ने कहा कि समाज में बहुत शिक्षा, पेपर लीक, चुनाव की प्रक्रिया को लेकर काफी असंतोष है। वही रोड पर दिख रहा है।
विधान परिषद चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार का वोट सरकार बनाने या हटाने के लिए नहीं बल्कि बनी हुई सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए है।
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लोकसभा चुनाव से पहले हर हाल में शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाया जाएगा और इलाके के दस हजार बेरोजगारों को काम दिया जाएगा।
जनसुराज के स्नातक उम्मीदवार की जीत होती है तो 10 हजार पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी जन सुराज की होगी।
इस बार लोगो ने सोच लिया है, न ऊपर देखकर वोट करेंगे, न नीचे देखकर, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य, 7वें वेतनमान, दशकों से चली आ रही वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और रोजगार के लिए वोट करेंगे।








