पटना- सहरसा सदर अस्पताल में मीडिया से विवाद के बाद चिकित्सक पर की गई कार्रवाई के मामले में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) ने मोर्चा खोल दिया है.
संघ ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र भेजकर चिकित्सक के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की उच्चस्तरीय समीक्षा और उन्हें ससम्मान पुनर्पदस्थापित करने की मांग की है.
सदर अस्पताल में मध्याह्न भोजन खाने के बाद बीमार हुए बच्चों के इलाज के दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व प्रभारी अधीक्षक के साथ कथित दुर्व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया था.
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संघ का आरोप है कि घटना के दौरान चिकित्सक को सुरक्षा व न्याय देने के बजाय मीडिया और प्रशासनिक दबाव में दंडात्मक कार्रवाई की गई. संघ ने अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के काम में बाधा डालने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
भासा के महासचिव एवं अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि इस एकपक्षीय कार्रवाई से राज्य के सरकारी चिकित्सकों में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है.
संघ ने इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड में पत्रकारों व अन्य लोगों की वीडियो रिकॉर्डिंग और रिपोर्टिंग को लेकर स्पष्ट SOP/Guidelines जारी करने की मांग की है. इसका उद्देश्य मरीजों की निजता बनाए रखना और चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाना है.
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भासा ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र प्राप्त होने के तीन दिन यानी 72 घंटे के भीतर कार्रवाई वापस लेकर चिकित्सक का सहरसा सदर अस्पताल में ससम्मान पुनर्पदस्थापन करने समेत अपनी मांगें मानने का अल्टीमेटम दिया है.
संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा. पत्र में कार्य बहिष्कार के दौरान उत्पन्न होने वाली चिकित्सीय अव्यवस्था और संभावित जनहानि की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग एवं स्थानीय प्रशासन पर होने की बात कही गई है.
ज्ञापन की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक और सहरसा सिविल सर्जन को भी भेजी गई है.








