कानपुर- रविवार तड़के कानपूर में दिल दहला देने वाली घटना हुई है. जहां एक पिता ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी। खुद पुलिस को कॉल किया। हैरानी की सबसे बड़ी बात यह है कि इस वारदात की पत्नी को भनक तक नहीं लगी.
पुलिस जब उसके घर पहुंची तो दरवाजा बंद था। पुलिस ने घंटी बजाई तो पत्नी ने दरवाजा खोला। पुलिस देखकर पत्नी घबरा गई। पूछा- क्या हो गया? तब पुलिस ने पति के कॉल वाली बात बताई।
पत्नी भागते हुए पति के कमरे में पहुंची तो देखा बच्चियों के खून से लथपथ शव फर्श पर पड़े थे। पिता शशि रंजन मिश्रा लाशों के बगल में बैठा था। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। बेटियों की हत्या के बाद बदहवास रेशमा ने रोते हुए पुलिस से कहा- पति को आज ही फांसी दे दी जाए।
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वहीं, जुड़वां बेटियों की हत्या के बाद से पत्नी रेशमा बदहवास है। उसकी देख-रेख में महिला दरोगा समेत अन्य पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। मर्डर के बाद पड़ोसी भी उनके फ्लैट में नहीं आ रहे हैं।
पुलिस ने मर्डर के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया लेकिन पोस्टमॉर्टम हाउस में लावारिश हालत में दोनों बच्चियों के शव रखे हैं। परिवार का कोई भी व्यक्ति नहीं है।
मिली जानकारी अनुसार, आरोपी शशि रंजन दवा सप्लाई करने का काम करता है। वह नौबस्ता थाने के किदवई नगर में त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में पत्नी रेशमा छेत्री, तीन बच्चों रिद्धी, सिद्धी और 6 साल के बेटे गन्नू के साथ रहता था।
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शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति को पत्नी के चरित्र पर शक था। इसीलिए वह पल-पल निगरानी रखता था। घर के बेडरूम तक में उसने सीसीटीवी लगवा रखे थे।
पति सोचता था कि उसकी मौत के बाद बेटियों का क्या होगा? इसलिए दोनों बेटियों की हत्या करके उसने सुसाइड करने का प्लान किया। हालांकि, बेटियों की हत्या करने के बाद वह सुसाइड करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
पत्नी रेशमा ने बताया- मैं बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली हूं। पति बिहार के रहने वाले हैं। मैं कानपुर के एक मेंस पार्लर में जॉब करती थी। इसी दौरान मेरी मुलाकात शशि रंजन से हुई। 2014 में हम दोनों ने लव मैरिज कर ली। कुछ दिन सब ठीक रहा। फिर शराब के नशे में पति रोज पीटने लगे। वो नींद की गोलियां भी खाते थे।
उन्हें मुझ पर शक था, इसलिए उन्होंने घर में एंट्री गेट से लेकर किचन और बेडरूम तक में CCTV लगवाए हैं। मुझे अपने कमरे में घुसने नहीं देते थे। दोनों बेटियों को अपने साथ रखते थे। अक्सर कहते थे कि तुम बेटे को लेकर कहीं चली जाओ, मैं बेटियों को पाल लूंगा।
पत्नी रेशमा ने बताया कि शशि रंजन की मां की कुछ महीनों पहले मौत हो गई थी। तब से वह बार-बार कहते थे कि मेरी मम्मी मर गई हैं। अब मैं भी मरना चाहता हूं। दोनों बेटी को साथ लेकर जाऊंगा। तुम अपने बेटे को पालना।
जुड़वां बेटियों की हत्या करने वाले शशि रंजन मिश्रा ने बताया- मैं अपनी दोनों बेटियों को बहुत प्यार करता था। मुझे लगता था कि मेरे मरने के बाद बेटियों का क्या होगा? वो कैसे सर्वाइव करेंगी? इसी बात को लेकर मैं परेशान था।
मैंने एमआर की नौकरी छोड़ने के बाद खुद से अलग-अलग कंपनियों की दवा मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में सप्लाई करता था। लेकिन, मेरा कामकाज भी बहुत अच्छा नहीं चल रहा था। इसके चलते मैं तनाव में रहता था। इसी के चलते मैं नशे और नींद की गोलियां खाने का आदी हो गया था।
18 अप्रैल को मैंने बेटियों की हत्या करके खुद सुसाइड करने का प्लान बनाया। लेकिन, बेटियों की हत्या करने के बाद बहुत घबरा गया और सुसाइड नहीं कर सका। बेटियों को किस तरह से मारा? इस सवाल पर शशि रंजन ने बताया कि एक दिन पहले मैं काकादेव से 500 रुपए का चापड़ खरीदकर लाया था।
दोनों बेटियां मेरे साथ ही कमरे में साेती थीं। पहले मैंने उनके खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। फिर रोज की तरह उन्हें कमरे में जमीन पर बिछे बिस्तर पर सुला दिया। खाना खाने के बाद दोनों बेटियां अचेत हो गई।
इसके बाद मैंने दोनों का गला घोंटा, फिर चापड़ से गर्दन रेत दी। खुद सुसाइड करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद तड़के 4:20 बजे डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। फिर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।








