पटना- बीजेपी विधानमंडल दल की मुहर लगने के बाद ये साफ हो गया है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उनके नेता चुने जाने पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपनी विचारधारा का कोई नेता नहीं मिला तो आरजेडी की पाठशाला से निकले छात्र को ही आगे सीएम बना दिया.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी तो आरजेडी और लालू प्रसाद यादव की पाठशाला के छात्र हैं. सबसे पहले लालू जी ने ही उनको मंत्री और विधायक बनाया.
आज हालत ऐसी हो गई है कि बीजेपी को अपनी विचारधारा का कोई मजूबत नेता नहीं मिला, जिस वजह से वह हमारी विचारधारा वाले नेता को मुख्यमंत्री बना रही है.
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बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा, जिसको भी बीजेपी मुख्यमंत्री बनाने जा रही है, वह जनता का चुना हुआ नेता तो नहीं है.
उन्होंने ये भी कहा कि जो भी मुख्यमंत्री बने, लेकिन सच तो यही है कि बिहार अब गुजरात से चलेगा. जनता ने जनादेश नहीं दिया. अगर नीतीश कुमार को बीजेपी ने खत्म कर दिया है तो अब वह खत्म हो गए हैं.’
इधर, रोहिणी आचार्य ने भी सम्राट चौधरी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ‘भाजपा को मुख्यमंत्री बनाने के लिए केवल एक घूमंतु ही मिला.
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अपनी शुरुआत के 46 साल बाद भी, बिहार में BJP के पास लीडरशिप की इतनी कमी और सूखा है कि पार्टी न तो अपने दम पर सरकार बना पाई है, न ही उसने कभी किसी असेंबली इलेक्शन में चीफ मिनिस्टर के लिए कोई चेहरा घोषित या पेश किया है, और न ही वह कोई ऐसा लीडर तैयार कर पाई है जिसे बड़े पैमाने पर पब्लिक में एक्सेप्टेंस और पहचान मिले.’
दरअसल, सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की थी. 1990 में उन्होंने आरजेडी की सदस्यता ली और 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री बने. हालांकि कम उम्र के कारण उनको मंत्रिमंडल से हटना पड़ा.
वहीं, 2000 में पहली बार ‘लालटेन’ चुनाव चिह्न से विधायक बने. 2010 में भी आरजेडी से चुनाव जीते थे. हालांकि बाद में पार्टी से बगावत कर जेडीयू में शामिल हो गए. 2018 में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की.








