रांची- रांची के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है. डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने साफ कर दिया है कि री-एडमिशन के नाम पर एक रुपया भी लेना अवैध है. फीस में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी अब मुमकिन नहीं होगी. 140 से ज्यादा स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है.
सोमवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया कि किसी भी स्थिति में सालाना फीस में 10% से अधिक वृद्धि नहीं की जा सकती. साथ ही, यह बढ़ोतरी भी कम से कम 2 साल के अंतराल पर ही प्रभावी होगी.
बैठक में डीसी ने दो टूक कहा कि ‘री-एडमिशन’ की प्रक्रिया पूरी तरह अवैध है. स्कूल किसी भी दूसरे नाम (जैसे डेवलपमेंट चार्ज या एनुअल चार्ज) से दोबारा एडमिशन फीस नहीं ले सकते. ऐसा करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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अभिभावकों और छात्रों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने अब तक 140 से अधिक स्कूलों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है. इनमें फीस वृद्धि, अनिवार्य किताबों की बिक्री और री-एडमिशन जैसी अनियमितताएं शामिल हैं.
सभी आरोपी स्कूलों को 20 अप्रैल तक अपना जवाब दाखिल करना होगा, जिसके बाद 21 अप्रैल को होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
प्रशासन के अहम दिशा-निर्देश
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सभी स्कूलों में 3 दिनों के भीतर अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन अनिवार्य है.
प्रत्येक स्कूल को अपनी स्वयं की ‘स्कूल स्तरीय शुल्क समिति’ बनानी होगी.
अभिभावक अपनी शिकायतें समाहरणालय (कमरा संख्या 105) में या व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर दर्ज करा सकते हैं.








