धनबाद- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गोल्फ ग्राउंड में झामुमो के 54वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री ने शहीदों की याद में बने स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने मंच पर रखी शिबू सोरेन की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी.
मुख्यमंत्री ने मंच से बीजेपी पर हमला बोला और असम के आदिवासियों की दुर्दशा के बारे में भी बात की. उन्होंने कोयला खनन में लगी आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय युवाओं को 75 प्रतिशत रोज़गार सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि अगर आउटसोर्सिंग कंपनियां रोजगार नहीं देती हैं, तो उन्हें उन कंपनियों पर कब्जा कर लेना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक जगह है जहां से मार्गदर्शक नेताओं ने ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं. हमारे नेताओं ने उपलब्धियों की लंबी लकीरें खींची हैं. अलग राज्य की घोषणा, साथ ही जल, जंगल और जमीन के मुद्दे, इसी मैदान से किए गए थे.
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कई नेता और नायक अब हमारे साथ नहीं हैं. मार्गदर्शक नेताओं के उस समूह में एक व्यक्ति ऐसा है जिसकी पहचान न केवल राज्य में बल्कि देश में भी अलग है.
उन्होंने कहा, धनबाद में कई नायकों का जन्म हुआ. उन्होंने गरीबों और मूल निवासियों की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. झारखंड में ऐसे बहादुर शहीद हुए हैं जिन्होंने भूख-प्यास सहकर आजादी के लिए लड़ाई लड़ी. उनका साथ हमें एक अनोखी पहचान देता है.
उन्होंने कहा कि मूलवासियों और आदिवासियों के साथ-साथ जो लोग राज्य के बाहर से आए हैं, वे भी गर्व से खुद को झारखंडी कहते हैं. इन लोगों का पालन-पोषण यहीं हुआ और वे ऊंचे पदों पर पहुंचे.
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सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, बल्कि झारखंड ने देश चलाने में भी अहम योगदान दिया है. यह भी सच है कि यहां के लोगों ने अत्याचार, गरीबी और अशिक्षा का सामना किया है.
सीएम ने कहा, यह पहली बार है जब गुरुजी इस मंच पर नहीं हैं. हम उन्हें याद करते हैं. एक मार्गदर्शक और संरक्षक अब हमारे बीच नहीं हैं. हमें उन्होंने जो सिखाया और जो रास्ता दिखाया, उस पर चलना चाहिए. हमने बहुत मुश्किल से सत्ता हासिल की है, और हम इस राज्य को सबसे अच्छा बनाने के लिए काम करेंगे.








