डेस्क- लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शुक्रवार को अरेस्ट कर लिया गया। सरकार ने वांगचुक पर लेह में दो दिन पहले हुई हिंसा का जिम्मेदार माना था। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि उनकी गिरफ्तारी किस मामले में हुई है। वांगचुक की अरेस्टिंग के बाद लेह में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी है। स्कूल-कॉलेज शनिवार तक बंद हैं। गृह मंत्रालय ने वांगचुक की एक संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है।
विदेशी अनुदान या दान के लिए एनजीओ को विदेशी अशंदान (विनियमन) एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। जिसमें पाया गया कि संस्था ने फंडिंग का गलत इस्तेमाल किया।
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CBI ने वांगचुक की एक और NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ भी विदेशी फंडिंग (FCRA) मामले में भी जांच शुरू कर दी है। HIAL पर भी विदेशी चंदा कानून (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है। सीबीआई टीम एनजीओ के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
बता दें कि लेह में पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी। इसमें 4 युवाओं की मौत हुई थी। 80 घायल हो गए थे, इनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अब तक 60 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।








