रांची- आज से नवरात्रि शुरू हो गई है। इस बार नवरात्रि 10 दिनों की रहेगी। 2 अक्टूबर को दशहरा मनेगा। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना कर माता शैलपुत्री की आराधना की जाती है.
नवरात्र के मौके पर गोरखा जवानों की पूजा परंपरा पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखती है. रांची के जैप परिसर में नवरात्र का शुभारंभ कलश स्थापना से होता है. पूजा के साथ शस्त्रों की पूजा भी जाती है. परंपरा के अनुसार इस मौके पर मां शक्ति को फायरिंग कर सलामी दी जाती है.
गोरखा जवान मानते हैं कि यह सलामी शक्ति की आराधना और उनकी वीर परंपरा का प्रतीक है. नौ दिनों तक गोरखा जवानों की पत्नियां लगातार कलश की परिक्रमा मुद्रा में बैठती है और पूजन करती हैं. इस दौरान वातावरण में मां शक्ति के जयकारे और मंत्रोच्चार गूंजते रहते हैं.
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दरअसल, गोरखा जवान अपने हथियार मां दुर्गा के चरणों में अर्पित कर उनकी पूजा करते हैं. आस्था यह है कि दुश्मन से मुकाबले के समय उनके हथियार कभी धोखा न दें और हमेशा सटीक चलें. नवमी पर 101 बलि देने की परंपरा भी यहां अब तक जारी है. पूजा के बाद फिर से फायरिंग कर मां शक्ति को सलामी दी जाती है.
महासप्तमी पर यहां फूल पाती शोभायात्रा का आयोजन किया जाता है. इसमें नौ प्रकार के पेड़ों की शाखाओं को एकत्र कर पूजा की जाती है. इस अवसर पर गोरखा जवान और उनके परिजन प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की कामना करते हैं. परंपरा के अनुसार इस दिन भी बंदूकों से सलामी दी जाती है.
झारखंड राज्य बनने के बाद बीएमपी का नाम बदलकर झारखंड आर्म्ड फोर्स (जैप) रखा गया, लेकिन पूजा की परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है.
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