पटना- चौथे चरण की शिक्षक बहाली को लेकर छात्रों का गुस्सा भड़क गया है. आचार संहिता लागू होने से पहले 1.20 लाख पदों पर नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर आज पटना में छात्र महा आंदोलन कर रहे हैं. शुक्रवार को को भारी संख्या में अभ्यर्थी पटना कॉलेज के पास एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया.
छात्र आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. पटना कॉलेज, भिखना पहाड़ी, गांधी मैदान और बेली रोड पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है. जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहा के पास पुलिस ने विशेष व्यवस्था कर दी है ताकि इसकी आगे छात्रों का प्रदर्शन नहीं जा सके.
छात्रों का कहना है कि अगर आचार संहिता के पहले पहले के सरकार के बयान के अनुसार अगर 1 लाख से अधिक पदों पर वैकेंसी नहीं आती है तो सभी युवा सरकार के खिलाफ वोट करेंगे.
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जेपी गोलंबर से 5 सदस्यीय छात्रों की डेलिगेशन को प्रशासन वार्ता के लिए लेकर गई, डेलिगेशन की डिमांड थी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से मिलना है. प्रशासन विभाग के वरीय पदाधिकारी से मिलवाने ले गई है, इसमें छात्र नेता दिलीप और एक और छात्र हैं. इसके अलावा तीन छात्राएं हैं.
डेलिगेशन में जा रही छात्रा का कहना था कि वह अपर मुख्य सचिव से मिलकर यह बात रखेंगे कि बिहार की नौकरियों में महिला आरक्षण का लाभ बिहार की बेटियों को ही मिलेगा सरकार ने यह सुनिश्चित किया है, लेकिन जब वैकेंसी में ही कटौती कर दी जाएगी तो कैसे बिहार की बेटियों को नौकरी मिलेगी.
छात्र नेता दिलीप ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सरकार ने यह कहा था कि 10 अगस्त से पहले चौथे चरण की परीक्षा आयोजित कर ली जाएगी. लेकिन अभी तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं की गई है.
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शिक्षा मंत्री ने चौथे चरण की परीक्षा के मामले में लगातार झूठ बोला है. शिक्षा मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए. शिक्षा मंत्री के बयान पर भरोसा नहीं है इसीलिए वह विभाग के अधिकारियों से मिलने जा रहे हैं.








