पटना- राजधानी पटना में दारोगा भर्ती अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया. इस दौरान कई महिला-पुरुष अभ्यर्थी जख्मी हो गए हैं. सोमवार को दारोगा और पुलिस भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया.
बड़ी संख्या में उम्मीदवार झंडे लेकर सड़क पर उतरे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी और अनियमितताओं को लेकर वे काफी समय से आंदोलनरत हैं.
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी. इसके लिए वे जुलूस की शक्ल में सीएम आवास की ओर बढ़े, लेकिन प्रशासन ने डाकबंगला चौराहे पर ही बैरिकेडिंग कर दी.
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इस प्रदर्शन को केवल अभ्यर्थियों का नहीं बल्कि शिक्षक समुदाय का भी समर्थन मिला है. कई शिक्षक और शिक्षक संगठन के नेता भी इस आंदोलन में शामिल हुए और उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार पुलिस सेवा आयोग और केंद्रीय चयन पर्षद का अपना कैलेंडर जारी करना चाहिए.
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि राज्य सरकार जल्द से जल्द 1817 पदों पर दारोगा भर्ती की प्रक्रिया शुरू करे. भर्ती दो साल पहले घोषित की गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
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अभ्यर्थियों का कहना है कि 2 साल हो गया है तो अब 2000 से अधिक पदों पर वैकेंसी आए. दूसरी मांग यह है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए. अभ्यर्थियों का कहना है कि आचार संहिता लागू होने के बाद नई भर्तियों की घोषणा करना संभव नहीं होगा.








