पटना- पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी किये जाने के खिलाफ बीजेपी ने 4 सितंबर को 5 घंटे के लिए बिहार बंद किया था। जहानाबाद के अरवल मोड़ के पास महिला शिक्षिका और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई थी। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई थी।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उक्त शिक्षिका से विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है। जहानाबाद की जिला शिक्षा पदाधिकारी सरस्वती कुमारी ने शिक्षिका दिप्ती रानी को शो-कॉज नोटिस भेजा है और 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
डीईओ द्वारा भेजे गये नोटिस में कहा गया है कि व्हाट्सएप एवं सोशल मीडिया पर वायल वीडियो क्लीप को देखने से पता चला कि यह वीडियो 4 सितंबर 2025 का है।
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आपके द्वारा अरवल मोड़ के पास बीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक/ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए गैर जिम्मेदाराना तरीके से बयान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आप शिक्षिक जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं और आपके द्वारा विभाग की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। आपके द्वारा अपने कर्तव्यों के विपरीत कार्य किया गया है।
आपका यह कृत अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता, आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लोक सेवक आचार नियमावली 2005 के निहित प्रावधानों के विपरीत कार्य करने का परिचायक है।
डीईओ ने आगे लिखा कि आपको आदेश दिया जाता है कि 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे कि 4 सितंबर को अरवल मोड़ के पास प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के आरोप में क्यों नहीं आपके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए।
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ससमय स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में अधोहस्ताक्षरी द्वारा यह समझा जाएगा कि उक्त आरोपों में आपको कुछ नहीं कहना है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
बता दें पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी किये जाने के खिलाफ बीजेपी ने 4 सितंबर को 5 घंटे के लिए बिहार बंद किया था। इस दौरान बिहार के जहानाबाद स्थित राज्य संपोषित बालिका इंटर विद्यालय की शिक्षिका दिप्ती रानी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बहस और धक्का-मुक्की हुई थी। बंद समर्थकों का कहना था कि उक्त शिक्षिका ने पीएम मोदी को गाली दी है। जबकि शिक्षिका का कहना था कि उन्हें स्कूल जाने से रोका जा रहा था।








