बगहा- जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने एक मामले में आठ सरकारी गवाहों को गिरफ्तार कर 26 सितंबर तक न्यायालय में पेश करने का निर्देश बगहा एसपी को दिया है।
न्यायालय द्वारा जिन गवाहों के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है, उनमें रामनगर थाने के तत्कालीन दारोगा विनय प्रसाद, गंगा राम, कामता पांडेय, जमादार जगन्नाथ प्रसाद, सिपाही जयकृष्ण राम, मटूक राय, हरेराम मांझी और रामाकांत यादव शामिल हैं।
इससे पूर्व सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान जब गवाहों की उपस्थिति को लेकर अदालती कार्रवाई आगे बढ़ी, तो सभी सरकारी गवाह अनुपस्थित पाए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से उनके वकील ने समय की मांग की, जिस पर न्यायालय ने गहरी नाराज़गी जाहिर की।
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न्यायालय ने टिप्पणी की कि 19 वर्षों के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा एक भी सरकारी गवाह को पेश नहीं किया गया है, जबकि गवाहों को तलब करने के लिए 5 फरवरी 2011 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अब तक किसी गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
कोर्ट ने यह भी बताया कि बगहा एसपी द्वारा 14 दिसंबर 2022 को गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। अदालत ने अपने आदेश में लिखा है कि अभियोजन पक्ष की उदासीनता के कारण यह मामला वर्षों से लंबित है।
दरअसल, बगहा के रामनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2006 में दर्ज डकैती और लूट के एक मामले में लगातार गवाहों की अनुपस्थिति पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है।
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सख्त रुख अपनाते हुए अदालत ने कहा कि यदि आगामी 26 सितंबर तक सभी गवाहों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं किया गया, तो यह मामला साक्ष्य के अभाव में बंद किया जा सकता है।








