लातेहार- झारखंड के इतिहास में नक्सलियों द्वारा सबसे बड़ा आत्मसमर्पण किया गया है. झारखंड जन मुक्ति परिषद(JJMP) के सुप्रीमो समेत 9 उग्रवादियों ने लातेहार पुलिस के सामने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें से पांच नक्सली इनामी भी हैं. इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों के एक साथ आत्मसमर्पण करने की यह पहली घटना है.
नक्सलियों ने पुलिस के सामने 5 एके-47 राइफल समेत कुल 12 हथियार भी जमा किए हैं. सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार, आईजी अभियान माइकल राज एस, पलामू आईजी सुनील भास्कर, डीआईजी नौशाद आलम, सशस्त्र सीमा बल के डीआईजी मानवेंद्र, लातेहार एसपी कुमार गौरव, सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट राजेश सिंह, उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद ने संयुक्त रूप से माला पहनाकर नक्सलियों का मुख्यधारा में स्वागत किया.
आत्मसमर्पित नक्सलियों में पलामू के नावा का रहने वाला जोनल कमांडर रवींद्र यादव, पलामू के सहरा का रहने वाला सब जोनल कमांडर अखिलेश यादव, लातेहार बरियातू का बलदेव गंझू, मनिका का मुकेश राम शामिल हैं, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम है. जबकि गुमला गम्हरिया का पवन उर्फ राम प्रसाद महतो 3 लाख रुपये का इनामी है.
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इनके अलावा, पलामू के रहने वाले राजू राम, बालूमाथ के विजय यादव, लातेहार मनिका का श्रवण सिंह और चंदवा का मुकेश गंझू शामिल हैं. इन्होंने पुलिस के सामने 5 एके-47 राइफल, सात अन्य राइफल, करीब 1800 गोलियां और अन्य सामान भी सरेंडर किया.
इस बीच, सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार ने इस संबंध में कहा कि यह पूरे झारखंड के लिए एक बड़ी कामयाबी है. उन्होंने कहा कि अब जल्द ही पूरा झारखंड नक्सल मुक्त होगा. झारखंड में अब जो भी नक्सली बचे हैं, उन्हें भी सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर तुरंत आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है.
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