पटना- पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने अपने पति के नाम खुला खत सोशल मीडिया पर लिखा है. फेसबुक पर लिखे लंबे पत्र में उन्होंने पति पर अनदेखी और उपेक्षा का आरोप लगाया है.
पत्र में ज्योति ने दर्द भरे शब्दों में अपना पक्ष रखते हुए साफ कहा है कि सात वर्षों से वह संघर्ष कर रही हैं, लेकिन पति पवन सिंह ने कभी उनकी सुध लेने की जरूरत नहीं समझी।
ज्योति ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि आदरणीय पति श्री पवन सिंह जी मैं आज कई महीनों से आप से कुछ पारिवारिक और राजनीतिक मुद्दों पर बात करने के लिए कोशिश करती आ रही हूं, लेकिन आप ने या आपके साथ रहने वाले लोगों ने मेरे कॉल मैसेज का रिप्लाई देना शायद उचित नहीं समझा.
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“मैं आपसे मिलने लखनऊ तक गई. छठ के समय आप जब डिहरी में आये थे, मैंने उस समय भी आपसे मिलना उचित समझा. लेकिन आप ने मिलने से मना कर दिया. बोला गया कि बॉस बोल रहे हैं लखनऊ मिलने को.
ज्योति सिंह ने आगे लिखा है कि पिछले दो महीने पहले मेरे पापा जी भी आप से मिलने गए, लेकिन कोई सकारात्मक रिजल्ट आप ने नहीं दिया. दुनिया का कौन सा बड़ा पाप मैंने किया है जिसकी इतनी बड़ी सजा मुझे दी जा रही है. मेरे मां-बाप के इज्जत से खेलने का काम किया जा रहा है. जब मैं आपके लायक नही हूं या नहीं थी तो आप ने जैसे पहले मुझसे दूरी बनाया था आप मुझे वहीं छोड़ देते.
उन्होंने आगे लिखा है कि मुझे झूठा आश्वासन देकर आपने लोकसभा चुनाव में अपने साथ लाकर आज जीवन की उस चोटी पर खड़ा किये हैं कि मुझे आत्मदाह के सिवा कुछ नहीं सूझ रहा है. उन्होंने लिखा है कि मैं ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि पता है कि मैं आत्मदाह करूंगी भी तो सवाल मुझ पे ही उठेगी और मेरे मा बाप पे उठेगी.
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पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने लिखा है कि मैंने तो अपना पतिव्रता पत्नी का धर्म आपके साथ कदम से कदम मिला कर निभा दिया है. अब आपकी बारी है, अपना धर्म निभाने का.
मैं आप से एक विनती करती हूं कि अगर आप मुझे अपने लायक नहीं समझते या अपनी पत्नी नहीं समझते तो थोड़ा इंसानियत के नाते आप मेरे साथ खड़ा हो जाते तो यही मेरे लिए बहुत बड़ी बात होगी.
ज्योति ने पत्र के अंत में लिखा है कि सात सालों के संघर्ष के बाद अब उन्हें अपने ही जीवन से नफरत हो गई है. उन्होंने पवन सिंह से अंतिम बार अपील की है कि वह उनसे एक बार बात करें, उनके कॉल और मैसेज का जवाब दें और एक पत्नी के दर्द को समझें.
ज्योति सिंह का यह खुला पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग ज्योति के दर्द के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं और पवन सिंह को एक “निष्ठुर पति” कहकर आलोचना कर रहे हैं.
कई लोग कह रहे हैं कि एक पत्नी जो सात वर्षों से संघर्ष कर रही है, उसकी अनदेखी कर पवन सिंह ने अमानवीय व्यवहार किया है. लोग यहां तक कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के समय महिला समाज में अपनी छवि बचाने के लिए अपने छोटे स्वार्थ को लेकर ज्योति सिंह से सुलह का दिखावा किया था और चुनाव खत्म होते हीं पवन सिंह अपने रंग में आ गए.








