डेस्क- उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही मची है. सिर्फ 34 सेकेंड में इस गांव का अस्तित्व ख़तम हो गया. गंगोत्री तीर्थयात्रियों के प्रमुख पड़ाव धराली गांव के बाजार-मकान, होटल बह गए.
त्रासदी में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। केरल के 28 टूरिस्ट्स का ग्रुप धराली की घटना के बाद से लापता है। परिवार के सदस्यों ने कहा- एक दिन पहले सभी ने गंगोत्री की यात्रा पर जाने की बात कही थी, लेकिन लैंडस्लाइड के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है।
प्रभावित इलाकों धराली, हर्षिल और सुखी टॉप में सर्च ऑपरेशन जारी है। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी बचाव कार्य में जुटी हैं। ITBP के प्रवक्ता कमलेश कमल ने बताया- 400 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है। 100 से ज्यादा अभी भी फंसे हैं। शाम तक उन्हें भी बचा लिया जाएगा।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
NDRF डीआईजी शहीदी ने कहा कि सेना के 11 जवान लापता हैं। आपदा में धराली में स्थित प्राचीन कल्प केदार महादेव मंदिर भी मलबे में दफन हो गया। भागीरथी नदी किनारे स्थित 1500 साल पुराना यह मंदिर पंच केदार परंपरा से जुड़ा है। स्थानीय लोगों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र था।








