धनबाद- धनबाद के आईआईटी आईएसएम के 45वां दीक्षांत समारोह में शामिल होने राष्ट्रपति धनबाद पहुंची. मौके पर राष्ट्रपति ने कहा, “आज का दिन आईआईटी-आईएसएम के छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.
आप एक विश्वस्तरीय संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार हैं. यह यात्रा नौकरी, उच्च शिक्षा, नवाचार या उद्यमिता की दिशा में हो सकती है.” उन्होंने छात्रों, उनके माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को भी बधाई दी,
राष्ट्रपति ने आईआईटी-आईएसएम की 100 वर्षों की गौरवशाली विरासत की सराहना की. उन्होंने कहा, “यह संस्थान खनन और भूविज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित हुआ था. समय के साथ इसने अपने शैक्षिक दायरे को विस्तृत कर उच्च शिक्षा और अनुसंधान का अग्रणी केंद्र बन गया है.”
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राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने छात्रों से इस विकास यात्रा के अग्रदूत बनने का आह्वान किया.
उन्होंने जोर दिया, “विकसित भारत का अर्थ है एक ऐसा राष्ट्र जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, गरिमा और बेहतर जीवन स्तर प्राप्त हो. आपकी शिक्षा केवल तकनीकी उत्कृष्टता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ी होनी चाहिए.”
राष्ट्रपति ने भारत की युवा जनसंख्या को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और डिजिटल कौशल का प्रसार भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहा है.
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उन्होंने शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, नवाचार-केंद्रित और उद्योग-अनुकूल बनाने पर जोर दिया. साथ ही, इंटर-डिसिप्लिनरी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई, ताकि छात्र जटिल समस्याओं के रचनात्मक समाधान खोज सकें.








