रांची- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंची हैं, जहां वो देवघर स्थित एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल हुई. उन्होंने अपने संबोधन में डिग्री हासिल करने वाले डॉक्टर्स को समाज और देश के प्रति उनके कर्तव्य का बोध कराया. साथ ही इस संस्थान से जुड़ी अपने यादें साझा की.
उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि संस्थान में बेटियों की संख्या छात्रों की तुलना में करीब करीब बराबर हो गई है. उन्होंने पहले दीक्षांत समारोह में उपाधियां और पदक पाने वाले 2019 बैच के विद्यार्थियों से आशा और उम्मीद जताई कि वे एक महान मेडिकल ट्रेडिशन के ध्वजवाहक बनेंगे.
राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स में प्रवेश पाना और यहां शिक्षा प्राप्त करना इस बात की गारंटी माना जाता है कि आप एक कुशल डॉक्टर बन गए हैं. आपको एक कुशल डॉक्टर के साथ-साथ एक अच्छा डॉक्टर भी बनना है.
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एक अच्छा डॉक्टर को शार्प क्लिनिकल सेंस के साथ साथ सेंसिटिव कम्यूनिकेशन की क्षमता भी होनी चाहिए. हम सबने देखा है कि कुछ डॉक्टर ऐसे होते हैं, जिनसे परामर्श के बाद मरीज और उनके परिवारजन बेहतर महसूस करते हैं. आप डायग्नोसिस या सर्जरी में पूरी तरह क्लीनिकल रहिए, लेकिन अपने व्यवहार में क्लीनिकल मत रहिए. अपने व्यवहार में सिंपेथेटिक रहिए. भगवान ने आपको जनसेवा के लिए भेजा है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि एक अच्छा डॉक्टर होना बहुत बड़ी बात होती है, लेकिन एक अच्छा इंसान होना उससे भी बड़ी बात होती है. नैतिकता, करुणा और परोपकार की भावना के साथ अनगिनत लोगों के जीवन में उजाला कर सकते हैं. आप समाज निर्माण में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं.
आपके इस संस्थान की भूमिका टर्सियरी हेल्थ केयर के क्षेत्र में है, लेकिन मैं चाहती हूं कि आप प्राइमरी हेल्थ केयर के क्षेत्र में भी गाइडेंस दें. मैं इस बात के लिए धन्यवाद देती हूं कि इस संस्थान में पांच ट्राइबल विलेज को गोद लिया है. मैं चाहूंगी की गांवों को अडोप्ट करने के दायरे को बढ़ाना चाहिए.
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राष्ट्रपति ने एम्स, देवघर के प्रबंधन और डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे सभी मिलकर स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़े ससटेनेबल डेवलपमेंट गोल की सूची बनाएं. उन्होंने कहा कि साल 2024 में कालाजार बीमारी का उन्मूलन कर दिया गया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए साल 2030 का समय था, लेकिन छह साल पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया. यह सराहनीय है. मलेरिया पर नियंत्रण पाने में बहुत सफलता मिली है.
दीक्षांत समारोह में मंच पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा, एम्स, देवघर के प्रेसिडेंट डॉ एन.के.अरोड़ा, एम्स के कार्यकारी निदेशक सह सीईओ प्रो. सौरभ वार्षणेय उपस्थित थे.








