डेस्क- वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक और गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक अनिरुद्धाचार्य अक्सर सोशल मीडिया पर किसी न किसी चीज को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में वे अपने एक विवादित बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं।
एक धार्मिक सभा के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने लड़कियों की शादी की उम्र और उनके चरित्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद समाज के विभिन्न वर्गों और महिलाओं व सामाजिक संगठनों इसके खिलाफ रोष देखने को मिला।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही महिला वकीलों ने उनपर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। इसके जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
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दरअसल, अनिरुद्धाचार्य ने अपनी एक कथा के दौरान लड़कियों की शादी की उम्र को लेकर टिप्पणी की थी। जिसमें उन्होंने कहा कि ’25 साल की उम्र तक लड़कियां पूरी तरह परिपक्व हो जाती हैं, जिसके कारण देर से शादी करने पर प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है।’
इस बयान को कई लोगों ने रूढ़िगत और महिलाओं के प्रति अपमानजनक माना। मथुरा बार एसोसिएशन और महिला अधिवक्ताओं ने इस बयान को न केवल लैंगिक रूप से असंवेदनशील बल्कि सामाजिक रूप से हानिकारक बताया।
सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने इसे ‘महिलाओं का अपमान’ और ‘संस्कृति के खिलाफ’ करार दिया, जिसके बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने की मांग उठी।
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