रांची- एसआईआर के विरोध में तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार के विचार को लेकर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि अगर किसी भी राज्य या देश के विपक्ष के नेता के मन में चुनाव बहिष्कार का विचार आता है, तो यह अपने आप में एक गंभीर मामला है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि विपक्ष के नेता के मन में चुनाव बहिष्कार का विचार आना ही दर्शाता है कि यह मुद्दा बहुत गंभीर है. चुनाव आयोग द्वारा दिए गए हलफनामे में कहीं भी घुसपैठ शब्द का जिक्र नहीं है, लेकिन भाजपा नेता और आयोग के सूत्र विदेशी घुसपैठ और नागरिकता की बात कर रहे हैं. अगर एक चुनाव आयुक्त नागरिकता का फैसला करेगा, तो क्या गृह मंत्रालय ढोल बजा रहा है?
झामुमो नेता ने कहा कि अब सदन में नहीं, बल्कि सड़कों पर संघर्ष करने का समय आ गया है. संविधान की रक्षा के लिए बिहार की धरती से फिर से संपूर्ण क्रांति का नारा बुलंद किया जाएगा.
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उन्होंने कहा कि अभी भी केवल चुनाव बहिष्कार ही एकमात्र विकल्प नहीं बचा है, बल्कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह चुनावों में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर प्रदान करे. जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाई है, भाजपा ने ईडी की जगह चुनाव आयोग का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, यह एक गंभीर मामला है.








