डेस्क- जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अचानक इस्तीफा दे दिया था, यह कहते हुए कि वे अब अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं. 74 वर्षीय धनखड़ 2022 से उपराष्ट्रपति पद पर थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है. हालांकि उनके अचानक इस्तीफे ने कई सवालों को जन्म दिया है.
संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन ही उनका इस्तीफा काफी चौंकाने वाला है. टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि धनखड़ का कार्यकाल हमेशा विवादों से भरा रहा और वे बीजेपी के प्रवक्ता जैसे व्यवहार करते थे.
कई सांसदों ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव तक पर हस्ताक्षर किए थे. अब जब उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, तो उन पर भरोसा करना होगा, हालांकि वे कल बिल्कुल स्वस्थ लग रहे थे. कीर्ति आज़ाद ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की.
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उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह बहुत दुखद है और जो हुआ है वो सामान्य नहीं है… सरकार को इस पर खुलकर बात करनी चाहिए.” उन्होंने इशारों में कहा कि ये सिर्फ स्वास्थ्य कारण नहीं हो सकते. प्रतापगढ़ी ने जेपी नड्डा के बयान को लेकर कहा, “ऐसी बात केवल चेयर यानी सभापति ही कह सकते हैं, कोई और नहीं.”








