देवघर- विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की शुरुआत हो चुकी है. प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए देवघर पहुंच रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए, रेलवे प्रबंधन ने देवघर और आसपास के स्टेशनों के लिए कई विशेष ट्रेनें शुरू की हैं.
देवघर रेलवे स्टेशन मास्टर विभूति कुमार ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला 2025 के लिए 22 अतिरिक्त ट्रेनों की सुविधा प्रदान की जा रही है. इनमें कुछ ट्रेनें साप्ताहिक हैं, तो कुछ दैनिक लोकल ट्रेनें हैं. आसनसोल रेलवे डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी विप्लव बावरी ने बताया कि न केवल आसनसोल डिवीजन, बल्कि देश के विभिन्न रेल डिवीजनों द्वारा भी देवघर के लिए ट्रेनें संचालित की जा रही हैं.
आसनसोल डिवीजन के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सुल्तानगंज से देवघर और जसीडीह के लिए सबसे अधिक भीड़ होती है. इसलिए इस रूट पर 17 जोड़ी यानी कुल 34 ट्रेनें चलाई जा रही हैं. साथ ही, नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं ताकि यात्रियों को पर्याप्त जगह मिल सके.
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नियमित ट्रेनों के रूट में बदलाव
जयनगर से आसनसोल जाने वाली ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन देवघर के रास्ते चलाने का निर्णय लिया गया है.
रक्सौल से श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन सप्ताह में तीन दिन संचालित की जा रही है.
दानापुर से साहिबगंज जाने वाली ट्रेन को सप्ताह में एक दिन देवघर के रास्ते चलाया जा रहा है.
आसनसोल से पटना जाने वाली ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन देवघर के रास्ते संचालित किया जा रहा है.
बरौनी से देवघर के लिए प्रतिदिन एक श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है.
जमालपुर जंक्शन से सुल्तानगंज के लिए प्रतिदिन एक ट्रेन शुरू की गई है.
जमालपुर से भागलपुर होते हुए देवघर जाने वाली ट्रेन को रविवार को भी चलाने का निर्देश दिया गया है, जो सामान्यतः सप्ताह में छह दिन चलती है. इसके अलावा, लंबी दूरी की कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किए गए हैं.
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष ट्रेन
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पूर्वोत्तर राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए डिब्रूगढ़ से देवघर के लिए एक विशेष ट्रेन (गाड़ी संख्या 05926) शुरू की गई है, जो सप्ताह में चार दिन चलेगी. यह ट्रेन डिब्रूगढ़ से सुबह 9:40 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 8:30 बजे देवघर पहुंचेगी. इससे अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, असम, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी जैसे क्षेत्रों के श्रद्धालु आसानी से बाबाधाम पहुंच सकेंगे.








