पटना- तेजस्वी यादव के ‘पॉकेटमार पीएम’ वाले बयान के बाद से बिहार की राजनीति गरमा गई है। तेजस्वी के इस विवादित बयान के बाद एनडीए हमलावर हो गई है। बीजेपी के साथ साथ गठबंधन के सभी दलों ने तेजस्वी के इस बयान की निंदा की है।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने तो बिना किसी का नाम लिए यहां तक कह दिया कि जिस तरह से एक फिल्म में अमिताभ बच्चन को हाथ पर मेरा बाप चोर है लिखना पड़ा था उनका भी वैसा ही हाल होगा।
तेजस्वी पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद का परिवार हतास और निराश हो चुका है। जिस तरह का बयान तेजस्वी यादव दे रहे हैं उससे स्पष्ट झलकता है कि जिस तरह से अमिताभ बच्चन ने एक फिल्म में अपने हाथ पर लिख लिया था कि मेरे पिताजी चोर हैं, ठीक उसी तरह का हाल है। जिनके घर में पंजीकृत अपराधी हो वह दूसरे को भी अपराधी समझता है। जैसी मानसिकता होती है उसी तरह की सोंच होती है।
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उधर, तेजस्वी के बयान पर जेडीयू ने भी तीखा पलटवार किया है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि जो जैसा अन्न खाता है वैसा ही संस्कार बनता है। तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता के साथ साथ एक सजायाफ्ता के बेटा भी हैं, उन्हें यह भी याद रखना चाहिए।
वैचारिक भिन्नता हो सकती है लेकिन तेजस्वी यादव ने तो भाषाई दरिद्रता की सीमा पार कर दी। राजनीति के लंपट भाषा का इस्तेमाल देश के प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के लिए किया। यह बताता है कि लालू यादव ने अपने बेटों को न तो संस्कार दिया, न मर्यादा सिखाया और ना ही भाषा का ज्ञान दिया।
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