रांची- एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के जज ने शुक्रवार की रात नौ बजे अदालत लगाई जहां न्यायाधीश आनंद सेन की अदालत में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को उपस्थित होना पड़ा, और माफ़ी मांगनी पड़ी.
दरअसल, झारखंड हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
अवमानना याचिका हजारीबाग के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. दीनानाथ पांडेय ने दायर की थी। उन्होंने याचिका में कहा था कि उनकी पेंशन के भुगतान से संबंधित मामले में कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है।
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इस याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को शुक्रवार को हाजिर होने का आदेश दिया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुए।
अपर मुख्य सचिव की ओर से हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर उपस्थिति से छूट मांगी गई थी। आवेदन में कहा गया था कि वह अवकाश पर हैं, इसलिए कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सकते हैं। लेकिन कोर्ट ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया।
जस्टिस आनंद सेन की पीठ ने कहा कि आदेश के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती है। इसे गंभीर मामला बताते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए राज्य के डीजीपी को आदेश दिया कि उन्हें शाम चार बजे तक कोर्ट में उपस्थित किया जाए।
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शाम चार बजे डीजीपी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अपर मुख्य सचिव झारखंड से बाहर हैं और वह रात 8.30 बजे फ्लाइट से रांची लौटेंगे। इस पर न्यायाधीश ने उन्हें रात नौ बजे कोर्ट में पेश करने को कहा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अदालत में उपस्थित हुए।








