दिल्ली- दिल्ली विधानसभ चुनाव के नतीजे से एक दिन पहले राजधानी में सियासत गर्मा गई है. यहां अरविंद केजरीवाल समेत आप नेताओं ने हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया था. आरोप था कि विधायकों को ’15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया और आम आदमी पार्टी छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया था.’
अब एलजी वीके सक्सेना ने इन आरोपों की जांच के आदेश दिए. बयान दर्ज करने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो की एक टीम केजरीवाल के घर गई और पांच सवालों के साथ एक नोटिस दिया है.
एसीबी ने पूछा-
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1. अरविंद केजरीवाल ने 6 फरवरी को अपने एक्स पोस्ट में आप विधायकों को 15 करोड़ ऑफर दिए जाने और पार्टी छोड़ने के लिए दबाव बनाने का दावा किया था. एसीबी ने सबसे पहला सवाल यही पूछा है कि क्या वो पोस्ट अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए थे या नहीं?
2. एसीबी ने उन 16 विधायकों की जानकारी भी मांगी है, जिन्हें रिश्वत के ऑफर वाले फोन कॉल्स आए थे.
3. एसीबी ने अरविंद केजरीवाल से उस शख्स की जानकारी भी मांगी है, जिसने कथित रूप से आप विधायकों को रिश्वत ऑफर करने के लिए फोन कॉल्स किए थे.
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4. एसीबी ने केजरीवाल से सबूत भी मांगे हैं और नोटिस में कहा, “आप और आपकी पार्टी के सदस्यों द्वारा विभिन्न मीडिया/सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लगाए गए रिश्वत की पेशकश के दावे/आरोपों का समर्थन करने के लिए सबूत पेश करें.”
5. एसीबी ने केजरीवाल को दिए नोटिस में कहा, “बताएं कि मीडिया/सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर ऐसी जानकारी फैलाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए, जो दिल्ली के लोगों में दहशत और अशांति की स्थिति पैदा करने के समान है.”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसीबी की एक टीम एलजी वीके सक्सेना द्वारा जांच के आदेश के बाद अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची थी. यहां काफी देर तक एसीबी की टीम उनके घर के बाहर खड़ी रही लेकिन कहा जा रहा है कि उन्हें घर में एंट्री नहीं दी गई. केजरीवाल के घर के बाहर भारी संख्या में आप कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जो नारेबाजी कर रहे थे. इस बीच एसीबी की टीम ने उन्हें नोटिस दिया और वापस लौट गई.








