डेस्क- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ से हुई मौतों पर कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर गहरी नाराजगी जताई है और कहा है कि अगर वह किसी की मौत को मोक्ष बता रहे हैं तो खुद ही महाकुंभ में इस तरह का मोक्ष क्यों नहीं ले लेते. महाकुंभ अभी भी चल रहा है और उन्हें यहां आकर इसी तरह से मोक्ष ले लेना चाहिए.
शंकराचार्य का साफ आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने यह बयान मामले को हल्का साबित कर कुछ लोगों को खुश करने के लिए दिया है. वह जिस अंदाज में बोल रहे हैं वह बेहद आपत्तिजनक हैं. उनके इस बयान से पीड़ित परिवार और दुखी हो रहे हैं. मौत पर पीड़ित परिवारों का दुख बांटना चाहिए ना कि उसका उपहास करना चाहिए.
उन्होंने कहा है कि धीरेंद्र शास्त्री के बयान से लोग इतने गुस्से में हैं कि उनसे कह रहे हैं कि अगर वह यहां दिख जाएंगे तो उन्हें धक्का दे देंगे और मोक्ष दिला देंगे. उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि सरकार भगदड़ की घटना के बाद अब लीपापोती में जुटी हुई है और सबूत को मिटाया व कमजोर किया जा रहा है.
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धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर शंकराचार्य के अलावा और भी संतों ने प्रतिक्रिया दी है. संतों का कहना है कि यह बेहद आपत्तिजनक बयान है. भगदड़ में हुई मौतों से दुखी होकर शुक्रवार को कई घंटे तक भू समाधि लेने वाले परमहंस पीठाधीश्वर शिवयोगी मौनी महाराज का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान बेहद बचकाना है.
यह पीड़ित परिवारों का उपहास करने जैसा है. ऐसे बयान से कतई सहमति नहीं जताई जा सकती. उन्हें यह बयान वापस लेना चाहिए और इस पर खेद भी जताना चाहिए. इस मामले में सरकार को भी संज्ञान लेकर उचित कदम उठाना चाहिए क्योंकि सरकार के न्योते पर ही इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आ रहे हैं. श्रद्धालु यहां पुण्य कमाने के लिए आते हैं ना कि मोक्ष प्राप्त करने के लिए.








