डेस्क- संसद के बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने टिप्पणी की, जिसे लेकर देश में विवाद खड़ा हो गया। इस बीच वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी के बयान का बचाव किया। कांग्रेसियों के बयान पर राष्ट्रपति भवन की भी प्रतिक्रिया आई है।
इस मामले में राष्ट्रपति भवन की प्रतिक्रिया आई है। राष्ट्रपति भवन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं ने ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, इसलिए यह अस्वीकार्य है। इन नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति भाषण के अंत में बहुत थक गई थीं और वे मुश्किल से बोल पा रही थीं।
राष्ट्रपति भवन यह स्पष्ट करना चाहता है कि सच्चाई इससे ज्यादा दूर नहीं हो सकती। राष्ट्रपति कभी थकी नहीं थीं। दरअसल, उनका मानना है कि हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए बोलना जैसा कि वह अपने संबोधन के दौरान कर रही थीं, कभी भी थकाऊ नहीं हो सकता।
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राष्ट्रपति कार्यालय का मानना है कि ऐसा हो सकता है कि इन नेताओं ने हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और विमर्श को ठीक से नहीं समझा हो और इस तरह गलत धारणा बना ली हो। किसी भी मामले में ऐसी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपनी मां को आलोचना से बचाते हुए कहा कि सोनिया 78 साल की हैं और उनका कोई अपमान करने का इरादा नहीं था। उन्होंने बस इतना कहा कि राष्ट्रपति ने इतना लंबा भाषण पढ़ा, और वह थक गई होंगी, बेचारी। वह राष्ट्रपति का पूरा सम्मान करती हैं। उन्हें लगता है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया द्वारा इस तरह की बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है। वे दोनों सम्मानित व्यक्ति हैं और उम्र में बड़े हैं।








