डेस्क- कांग्रेस ने असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कानूनी प्रकोष्ठ के सचिव मृदुल इस्लाम की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया. कांग्रेस की राज्य इकाई ने दिसपुर में जनता भवन (राज्य सचिवालय) का घेराव किया.
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा, कार्यकारी अध्यक्ष जाकिर हुसैन सिकदर, पूर्व सांसद रिपुन बोरा समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सड़कों से जबरन हिरासत में ले लिया.
इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता और असम के सांसद गौरव गोगोई ने शुक्रवार को राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ता मृदुल इस्लाम की मौत के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया.
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गोगोई ने कहा, “हम केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा सरकार द्वारा किए गए सभी प्रकार के अत्याचारों का विरोध करेंगे. हम मृदुल इस्लाम के लिए न्याय चाहते हैं, जिन्होंने अडानी, मोदी और हिमंत बिस्वा सरमा के भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए असम पुलिस के लिए अपनी जान दे दी.”
मृदुल इस्लाम की मौत ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें राज्य के नेताओं ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर विपक्षी दलों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि, मृदुल इस्लाम की मौत नहीं हुई बल्कि हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर योजनाबद्ध कार्रवाई करके उनकी हत्या कर दी.”
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बता दें कि बुधवार को उस समय माहौल गर्म हो गया था, जब कांग्रेस अपना विरोध प्रदर्शन करने के लिए राजभवन जा रही थी. प्रदर्शनकारियों की घेराबंदी और भारी पुलिस तैनाती के बीच स्थिति गंभीर हो गई थी.
व्यापक तनाव के बीच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. परिणामस्वरूप, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों सहित कई पत्रकार घायल और बीमार हो गए. कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की कोशिश कर रहे राज्य कांग्रेस के विधायी प्रकोष्ठ के सचिव एडवोकेट मृदुल इस्लाम की मौत हो गई.








