डेस्क- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को सशर्त जमानत दी है. याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CBI पर सख्त टिपण्णी की है.
केजरीवाल को जमानत देते हुए जस्टिस भुइयां ने कहा कि सीबीआई को पिंजरे में बंद तोते की छवि से बाहर आना होगा और दिखाना होगा कि अब वह पिंजरे में बंद तोता नहीं रहा.
केजरीवाल की जमानत का फैसला पढ़ते हुए जस्टिस भुइंया ने कहा, ‘सीबीआई इस देश की प्रमुख जांच एजेंसी है. इसी में सबकी भलाई है कि सीबीआई को न केवल सबसे ऊपर होना चाहिए, बल्कि ऐसा दिखना भी चाहिए.
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किसी भी धारणा को दूर करने के हर मुमकिन कोशिश की जानी चाहिए कि जांच और गिरफ्तारी निष्पक्ष रूप से की गई थी. कुछ समय पहले इस अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाई थी और इसकी तुलना पिंजरे में बंद तोते से की थी, इसलिए अब जरूरी है कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोते की धारणा को दूर करे.’
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस आरएम लोढ़ा, जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ की बेंच ने 9 मई 2013 को सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहा था. सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त कोयला घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई हो रही थी.
सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था, ‘सीबीआई वो तोता है जो पिंजरे में कैद है…इस तोते को आजाद करना जरूरी है. सीबीआई स्वायत्त संस्था है और उसे अपनी स्वायत्ता बरकरार रखनी चाहिए. सीबीआई को एक तोते की तरह अपने मास्टर की बातें नहीं दोहरानी चाहिए.’
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